जानिए की कैसे करें असली रुद्राक्ष की पहचान और रुद्धाक्ष प्रयोग

Hello Friends!! Uttrakhandsservices में आपका बहुत- बहुत स्वागत है । मै हु Anshu Singh और आज हम बात करेगे जानिए की कैसे करें असली रुद्राक्ष की पहचान और रुद्धाक्ष प्रयोग । तो आइये जानते है कि असली रुद्राक्ष की पहचान कैसे करे ।  

रुद्राक्ष एक अमूल्य मोती है, जिसे धारण करके या जिसका उपयोग करके व्यक्ति अमोघ फलों को प्राप्त कर सकता है | भगवान शिव का स्वरूप रुद्राक्ष जीवन को सार्थक बना देता है तथा इसे अपनाकर सभी कल्याणमय जीवन को प्राप्त करते है | रुद्राक्ष की अनेक प्रजातियां तथा विभिन्न प्रकार उपल्बध हैं | परंतु रुद्राक्ष की सही पहचान कर पाना एक कठिन कार्य है |


आईये समझते हॆ असली रुद्धाक्ष की पहचान

आमतौर पर आपने सबने देखा होगा की आजकल किसी भी शहर के बाजार में रुद्राक्ष हर दुकान ,चौराहे पर बिक रहा हैं तथा कई नामी companies भी इसे बेच रही है । परन्तु इसकी पहचान करना बहुत ही कठिन है। आजकल बाजार में सभी असली रुद्राक्ष को उपल्बध कराने की बात कहते है, किंतु इस बात में कितनी सच्चाई है इस बात का अंदाजा लगा पाना एक मुश्किल कार्य है । एक मुखी एवम एकाधिक मुखी रुद्राक्ष महंगे होने के कारण नकली भी बाजार में तेजी से बिक रह है।

नकली मनुष्य असली के रूप में इन्हे खरीद तो लेता है, परन्तु उसका उसको फल नही मिलता पाता है । जिसके कारण वह रुद्राक्ष के फायदे से वंचित रह जाता है एवम जीवन भर उसकी मन में यह धारणा रहती है कि रुद्राक्ष एक बेकार वस्तु है। लालची लोग रुद्राक्ष पर अनेक धारियां बनाकर उन्हें बारह मुखी या इक्कीस मुखी रुद्राक्ष कहकर बाजर में बेचते है ।

कभी-कभी दो रुद्राक्ष को जोड़कर एक रुद्राक्ष जैसे गौरी शंकर या त्रिजुटी रुद्राक्ष तैयार कर दिए जाते है । इसके अतिरिक्त उन्हें भारी करने के लिए उसमें सीसा या पारा भी डाल दिया जाता है, तथा कुछ रुद्राक्षों में तो सर्प, त्रिशुल जैसी आकृतियां भी बना दी जाती है । रुद्राक्ष के समान ही एक अन्य फल होता है जिसे भद्राक्ष कहा जाता है । तथा यह रुद्राक्ष के जैसा ही दिखाई देता है इसलिए कुछ लोग रुद्राक्ष के स्थान पर इसे भी नकली रुद्राक्ष के रुप में बेचते है । भद्राक्ष दिखता तो रुद्राक्ष की भांति ही है किंतु इसमें रुद्राक्ष जैसे गुण नहीं होते हैं ।

कई लोग लाभ के लालच में chemaical का इस्तेमाल कर इसका रंग रूप असली रूद्राक्ष जैसा कर देते है और इसके ऊपर धारिया बना कर मंहगे भाव में बेच देते है। कई बार दो रुद्राक्षों को बड़ीसफाई से जोड़ कर बेचा जाता है। आपने देखा होगा कि कई रूद्राक्षों पर गणेश, सर्प, शिवलिंग की आकृति बना कर भी लाभ कमाया जाता है।

रुद्राक्ष की पहचान को लेकर अनेक भ्रातियां भी मौजूद है । जिनके कारण आम व्यक्ति असल रुद्राक्ष की पहचान उचित प्रकार से नहीं कर पाता है और स्वयं को असाध्य पाता है । असली रुद्राक्ष का ज्ञान न हो पाना तथा पूजा ध्यान में असली रुद्राक्ष न होना पूजा व उसके प्रभाव को निष्फल करता है । अत: ज़रूरी है कि पूजन के लिए रुद्राक्ष का असली होना चाहिए ।

रूद्राक्ष धारण करने से जहां आपको ग्रहों से लाभ प्राप्त होगा वहीं आप शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे। ऊपरी हवाओं से भी सदैव मुक्त रहेंगे क्योंकि जो व्यक्ति कोई भी रूद्राक्ष धारण करता है, उसे भूत पिशाच आदि की कभी भी कोई समस्या नहीं होती है। वह व्यक्ति बिना किसी भय के कहीं भी भ्रमण कर सकता हैं | रुद्राक्ष सिद्धिदायक, पापनाशक, पुण्यवर्धक, रोगनाशक, तथा मोक्ष प्रदान करने वाला है| शिव पुराण में कहा गया है कि रुद्राक्ष या इसकी भस्म को धारण करके ‘नमः शिवाय’ मंत्र का जप करने वाला मनुष्य शिव रूप हो जाता है |

Read These Articles

1. रुद्राक्ष के प्रकार | Types of Rudraksha

2. जानें, क्या है रुद्राक्ष और क्या है इसकी महिमा?

3. How to overcome Negative Thoughts

4. 4 Powerful Tips for Super Strong Mind

5. 4 Reasons Why Processed Food Make You Fat And Sick

शास्त्रों में कहा गया है की जो भक्त रुद्राक्ष धारण करते हैं भगवान भोलेनाथ उनसे हमेशा प्रसन्न रहते है। लेकिन सवाल यह उठता है । अक्सर लोगों को रुद्राक्ष की असली माला नहीं मिल पाता है जिससे भगवान शिव की आराधना में खास प्रभाव नही पड़ता है। अब हम आपको रुद्राक्ष के बारे में कुछ जानकारियां देने जा रही हू जिसके द्वारा आप असली और नकली रूद्राक्ष की पहचान कर सकते है । किस तरह नकली रूद्राक्ष बनाया जाता है । रुद्राक्ष तन-मन की बहुत सी बीमारियों में राहत पहुँचाता है।

इसे पहनने से दिल की धड़कन तथा रक्तचाप नियंत्रण में रहता है। ऐसा कहा जाता है कि रुद्राक्ष धारण करनेवाले व्यक्ति को देर से बुढ़ापा आता है।

रुद्राक्ष के बड़े दानों की मालाएं छोटे दानो की मालाओं की अपेक्षा सस्ती होती है। साफ, स्वच्छ, सख्त, चिकने व साफ मुख दिखाई देने वाले दानों की माला काफी महंगी होती है। रुद्राक्ष की पहचान के लिए रुद्राक्ष को कुछ घंटे के लिए पानी में उबालें और यदि रुद्राक्ष का रंग न निकले या उस पर किसी प्रकार का कोई असर न हो तो वह असली होता है ।

एक और उपाय है रुद्राक्ष को पहचानने का रुद्राक्ष को काटने पर यदि उसके अंदर उतने ही घेर दिखाई दें जितने की बाहर हैं तो यह असली रुद्राक्ष होगा । यह परीक्षण सही माना जाता है किंतु इसका नकारात्मक पहलू यह है कि रुद्राक्ष नष्ट हो जाता है । दो असली रुद्राक्षों की उपरी सतह यानि के पठार समान नहीं होती । किंतु नकली रुद्राक्ष के पठार समान होते है । रुद्राक्ष की पहचान के लिए उसे किसी नुकिली वस्तु द्वारा कुरेदे यदि उसमे से रेशा निकले तो समझे जाये रुद्राक्ष असली है।

रुद्राक्ष के अन्य रूपों में गौरी शंकर, गौरी गणेश, गणेश एवं त्रिजुटी आदि है। गौरी शंकर रुद्राक्ष में दो रुद्राक्ष प्राकृतिक रूप से जुड़े होते है। ये दोनों रुद्राक्ष गौरी एवं शंकर के प्रतीक है। इसे धारण करने से दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है तथा इसी प्रकार गौरी गणेश में भी दो रुद्राक्ष जुड़े होते है । एक बड़ा एक छोटा, मानो पार्वती की गोद में गणेश विराजमान हो।

एक अन्य उपयोग द्वारा रुद्राक्ष के मनके को तांबे के दो सिक्को के बीच में रखा जाए तो थोड़ा हिल जाता है, क्योंकि रुद्राक्ष में चुंबकत्व होता है जिसकी वजह से ऐसा होता है ।

एक अन्य उपाय ये है कि रुद्राक्ष को पानी में डाले अगर यह डूब जाए तो असली होगा । और यदि नहीं डूबता तो नकली लेकिन यह जांच उपयोगी नही मानी जाती है क्योंकि रुद्राक्ष के डूबने या तैरने की क्षमता उसके घनत्व एवं कच्चे या पके होने पर निर्भर करती है तथा रुद्राक्ष अगर metal या किसी अन्य भारी चीज से बना रुद्राक्ष भी पानी में डूब जाता है |

गौरी शंकर रुद्राक्ष व गौरी गणेश रुद्राक्ष खासकर स्त्रियों के लिए ही है। पहला सफल वैवाहिक जीवन के लिए एवम दूसरा संतान सुख के लिए । हां शुचिता की दृष्टि से राजो दर्शन के तीन दिनो तक रुद्राक्ष न धारण किया जाए तो अच्छा होगा । रुद्राक्ष धारण करने के लिए सोमवार को प्रातः काल पहले कच्चे दूध से फिर गंगाजल से धोकर व अष्टगंध लगाकर ऊँ नमः शिवाय मंत्र का जाप कर धारण करना चाहिए।

अत: रुद्राक्ष को खरीदने से पहले कुछ मूलभूत बातों का अवश्य ध्यान रखे जैसे की रुद्राक्ष में किडा न लगा हो, टूटा-फूटा न हो, पूर्ण गोल न हो । जो भी रुद्राक्ष छिद्र करते हुए फट जाए इत्यादि उन रुद्राक्षों को धारण नहीं करना चाहिए ।

At The End

मुझे उम्मीद है कि आपको हमारी आज कि पोस्ट पसंद आयी होगी जानिए की कैसे करें असली रुद्राक्ष की पहचान और रुद्धाक्ष प्रयोग | तो इसे अपने दोस्तो के साथ share करना ना भुले ।

धन्यवाद !!